-->

Ads

तुझको कैसे बताऊ - Poems, Kavita, Poetry, Poems In Hindi

आज में आपको मेरे द्वारा लिखा कुछ रचना दिखाना चाहता हू आप मेरे द्वारा लिखी हुई रचना को निचे पढ़ सकते है मेरा नाम कविंदर कुमार पूनिया है और मुझे लिखना बहुत पसंद है इस blog पर जो भी रचना है वो सिर्फ मेरे द्वारा लिखी गई है
Poems, Kavita, Poetry, Poems In Hindi

 
हो रहा हु पागल सा तुझको कैसे बताऊ 
तेरे मोहब्बत में दिल को समझाऊ
वो ना आने वाली है
जो गई  
वो अब ना चाहने वाली है
जिंदगी मेरी टूटी पेड़ की सी डाली है
मायूसी है
खाली है
वो तो जाली है
कभी तो मन में आये दे दु गाली 
पर वो मेरी मोहब्बत को ठुकराने वाली है
चलो छोड़ो जाने भी दो 
वो बेवफा है उसको मेरी बातो में ना आने दो
कोई मील उससे उस जैसा तो 
पता चलेगा क्या फर्क उसे मेरा दर्द दिखाने को
दर्द में दर्द है वो दिल में जैसे मेरा फर्ज है
कर्ज है  यादे उसकी बीमारी मेरी का मर्ज है
यादे उसकी कैसे भुलाऊँ कोई तो बात दे
दवा दे या दुआ दे बस इस दिल में है लगी आग को
भुजा दे
खुदा मुझे भी दिला दे 
जन्नत ना सही जहनुम में जगहा दे
इस दुनिया से बस बुला ले
वो बेवफा समझेगी जब दर्द मेरा 
कहे तुझे की मुझे भी अपने पास बुला ले
चल उठा ले 
अब जाके मेरी मोहब्बत को समझी है 
उसको न इतनी सजा दे
खुदा  जख्म  दे मुझे 
उसकी खुशियो को उससे मिला दे
 
आप यह जरुर पढ़े 
How To Gyaan
हमारे इस ब्लॉग पर आपको हिंदी में तकनीकी सुचना, Youtube, Blogging, SEO के बारे में सीखने को मिलेगा तो जुड़े रहे हमारे ब्लॉग से कुछ नया सिखने के लिए मिलेगा

टिप्पणी पोस्ट करें